Sarkari Yojana 2026 : 30 हजार से अधिक छात्र सरकारी योजनाओं से वंचित होने के कगार पर, ई-शिक्षा पोर्टल में गड़बड़ी
मधुबनी में ई-शिक्षा पोर्टल की तकनीकी मदद से हजारों छात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। 31 मार्च से पहले 30,612 विद्यार्थियों का स …और पढ़ें

छात्र छात्रवृत्ति भुगतान समस्या: जिले में ई-शिक्षा पोर्टल की तकनीकी और दस्तावेजी फीस हजारों विद्यार्थियों के लिए बड़ी बाधा बन गई हैं।
31 मार्च से पहले सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की राशि उनके दाखिले में पहुंच जानी है, लेकिन अब तक 30 हजार 612 छात्र-छात्राओं का सत्यापन पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में उनकी छात्रवृत्ति, ड्रेस, साइकिल, लैपटॉप और अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित रहने की आशंका गहरी गई है।
जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 91,040 बच्चों के डाटा में ई-शिक्षा पोर्टल पर फीस दर्ज थे। इन्हें समयबद्ध तरीके से गलत का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक 60,428 विद्यार्थियों की गलतियों का ही इलाज हो पाया है, जबकि शेष बच्चों का डाटा जांच पड़ा है।
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इस स्थिति ने स्कूल स्तर पर एडमिनिस्ट्रेशन इंजीनियरों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अक्षय कुमार पांडे ने स्पष्ट कहा है कि जब तक पोर्टल पर दर्ज सभी सुधारों का समाधान नहीं होगा, तब तक किसी भी सरकारी योजना की राशि बच्चों के ट्यूशन में शिफ्ट नहीं की जा सकती।
उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापकों, प्रखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) को पहले ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।
निर्देशकों की नियुक्तियां तो कई कार्यभार में हेडमास्टर और बीईओ स्तर पर डिप्रेशन भी समस्या की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। मामले की जिम्मेदारी को देखते हुए राज्य स्तर से संबंधित डीपीओ से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
यदि शीघ्र ही त्रुटि सुधार कार्य पूरा नहीं हुआ, तो हजारों विद्यार्थियों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ नहीं मिलूंगी, जिसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और सामाजिक प्रोत्साहन पर पड़ेगा।
विद्यार्थियों को मिलने वाले प्रमुख लाभ
बिहार सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत सरकारी विभागों के बच्चों को कई तरह की आर्थिक और शैक्षणिक सहायता दी जाती है। इनमें शामिल हैं:
कक्षा 1 से 8 तक पोशाक एवं पाठ्यपुस्तक योजना
कक्षा 9-10 के लिए साइकिल योजना
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम (प्रति वर्ष 300 रुपये)
बालक-बालिका प्रोत्साहन योजना
अन्य प्रोत्साहन एवं सहायता योजनाएं
ई-शिक्षा पोर्टल की क्रियान्वयन के कारण इन सभी योजनाओं की राशि अटकने की आशंका ने लाभार्थियों और छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। अब रेखाएं इस पर टिकी हैं कि शिक्षा विभाग तय समय सीमा से पहले गर्भधारण सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर पाता है या नहीं।