PM Awas Yojana Beneficiary List 2026: नई लिस्ट जारी, मिनट में नाम चेक करें
प्रधानमंत्री आवास योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। यह गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर बनाने में मदद करती है। 2026 में इसकी नई लाभार्थी सूची जारी हो गई है। अब पैसे की पहली किस्त मिलना शुरू हो गया है।
यह योजना 2015 में शुरू हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सभी के लिए आवास सुनिश्चित करना है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोग लाभ ले सकते हैं। लाखों परिवारों को इससे फायदा हुआ है।

2026 की नई सूची में कई नए नाम जोड़े गए हैं। जो लोग पहले आवेदन कर चुके थे, उनकी स्थिति अपडेट हो गई है। अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से पैसा खाते में आ रहा है। यह योजना सबके लिए खुशी की खबर है।
पीएम आवास योजना को Pradhan Mantri Awas Yojana कहा जाता है। यह दो भागों में चलती है – PMAY-G ग्रामीण इलाकों के लिए और PMAY-U शहरों के लिए। सरकार गरीबों को घर बनाने के लिए सब्सिडी और लोन देती है।
ग्रामीण योजना में कच्चे घरों को पक्का किया जाता है। शहरी योजना में झुग्गीवासी को नया फ्लैट मिलता है। कुल मिलाकर 2.95 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य है। 2026 तक यह लक्ष्य पूरा होने वाला है।
सरकार हर लाभार्थी को 1.2 लाख से 2.5 लाख रुपये तक की मदद देती है। यह राशि किस्तों में बैंक खाते में आती है। ब्याज सब्सिडी से लोन सस्ता हो जाता है। इससे मध्यम वर्ग भी घर खरीद सकता है।
2026 में नई सूची फरवरी में आधिकारिक वेबसाइट पर डाली गई। राज्य सरकारों ने सत्यापन के बाद नाम फाइनल किए। पहले चरण में 10 लाख नए लाभार्थी चुने गए। अब पैसा ट्रांसफर शुरू हो चुका है।
सूची में नाम चेक करने के लिए आधार नंबर और रजिस्ट्रेशन आईडी जरूरी है। जो लोग योग्य हैं, उन्हें SMS और ईमेल से सूचना मिली। वेरिफिकेशन पूरा होने पर पहली किस्त 48 घंटे में आ जाती है।
यह सूची हर जिले के हिसाब से बनी है। उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे राज्यों में सबसे ज्यादा नाम हैं। दिल्ली और अन्य शहरों में भी अपडेट हो गई है। कुल 50 लाख घरों का लक्ष्य 2026 के लिए रखा गया।
सरकार हर साल बजट में इसके लिए पैसे रखती है। ग्रामीण क्षेत्र में 1.2 लाख रुपये की सहायता मिलती है। तीन किस्तों में – 50 हजार, 40 हजार और 30 हजार। शहरी इलाके में यह 2.5 लाख तक जाती है।
लोन लेने वालों को 6.5 प्रतिशत ब्याज पर सब्सिडी मिलती है। ईWS, LIG और MIG श्रेणी के लोग लाभ लेते हैं। महिलाओं के नाम पर घर होने पर अतिरिक्त छूट है। पर्यावरण अनुकूल निर्माण को प्राथमिकता दी जाती है।
अब तक 4 करोड़ से ज्यादा घर बन चुके हैं। 2026 में डिजिटल तरीके से मॉनिटरिंग होगी। ड्रोन और सैटेलाइट से निर्माण की जांच होगी। इससे भ्रष्टाचार रुकेगा और तेजी आएगी।
आवेदन सरल है। पहले नजदीकी ग्राम पंचायत या नगर निगम जाएं। वहां फॉर्म भरें और दस्तावेज दें। आधार कार्ड, बैंक पासबुक और आय प्रमाण पत्र जरूरी हैं।
ऑनलाइन pmaymis.gov.in या pmay-urban.gov.in पर रजिस्टर करें। रजिस्ट्रेशन के बाद स्टेटस चेक करें। सूची में नाम आने पर ई-कोशिका ऐप डाउनलोड करें। वहां फोटो अपलोड कर निर्माण शुरू करें।
पैसे की पहली किस्त सूची जारी होने पर आती है। आधार से लिंक खाता होना चाहिए। अगर देरी हो तो हेल्पलाइन 1800-11-6446 पर कॉल करें। क्षेत्रीय कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।
चरणबद्ध तरीके से आवेदन करें:
दस्तावेज तैयार रखें।
ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म भरें।
स्टेटस चेक करते रहें।
नाम आने पर निर्माण शुरू करें।
हर किस्त के बाद प्रोग्रेस रिपोर्ट दें।
2026 में योजना में नई तकनीक जोड़ी गई। जीआईएस मैपिंग से जमीन चेक होती है। सोलर रूफटॉप और वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य है। इससे घर ऊर्जा बचत वाले बनेंगे।
महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता है। एससी-एसटी परिवारों के लिए अलग कोटा। कोविड के बाद योजना तेज हुई। अब 2027 तक सभी को घर का लक्ष्य है।
पैसे मिलने से लाखों परिवार खुश हैं। निर्माण सामग्री सस्ती हो गई। स्थानीय रोजगार बढ़ा। यह योजना गरीबी कम करने में बड़ी भूमिका निभा रही।
2026 की नई सूची से लाखों घर बनेंगे। जल्दी आवेदन करें। योजना से अपना सपनों का घर पाएं। यह सरकार का वादा है।