UP Lekhpal Vacancy : यूपी लेखपाल भर्ती का नया विज्ञापन जारी करने की तैयारी, गड़बड़ी पर सीएम योगी ने दी चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व परिषद में कड़ी चेतावनी दी है कि यूपी में किसी भी तरह की त्रुटि, किसी भी प्रकार की त्रुटि, नामांकन नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के स्पष्ट हस्तक्षेप के बाद राजस्व परिषद अब ग्रेडवार रिक्तियों के डाटाबेस की समीक्षा कर रही है और उसे एक सप्ताह के भीतर उत्तर प्रदेश सैन्य सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) में भर्ती की तैयारी कर रही है ताकि भर्ती पूरी तरह से तरह के नियमों के साथ आगे बढ़े। उत्तर प्रदेश वैश्य सेवा चयन आयोग (यूपीएससी) के लेखपाल भर्ती अधिसूचना के अनुसार 7994 पर 29 दिसंबर से आवेदन शुरू हो रहे हैं।

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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी भर्तियों में वामपंथी व्यवस्था का अक्षरशः पालन अनिवार्य है। तालाबंदी और न्याय दोनों तरह के समान का सम्मान न केवल कानूनी दायित्व है बल्कि सामाजिक की मूल भावना भी है। उन्होंने सभी अभिलेखों को चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार के नैतिकता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार के कॉलेज पर आयोजित किया जाएगा। बता दें कि 16 दिसंबर 2025 को जारी किए गए विज्ञापन के बाद यह तथ्य सामने आया कि जिलों से भेजे गए डिवीजनवार रिकॉर्ड्स में रजिस्ट्रीयां थीं। अब राजस्व परिषद रेलवे और रिक्त पदों की गणना को फिर से शुरू किया जा रहा है, इसलिए राजस्व आयोग में त्रुटिपूर्ण प्रारूप आयोग को भेजा जा सकता है।
राजस्व परिषद के सचिव कंचन वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद परिषद ने सभी आंकड़ों की समीक्षा शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि कैथोलिक अध्याचन आयोग को प्रस्ताव जारी करने के बाद अख्तर भर्ती प्रक्रिया रेख, विवाद-मुक्त और बौद्ध मठों के पूर्ण समूह के साथ आगे बढ़ना होगा।
प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि छात्रावास व्यवस्था में किसी भी प्रकार के छात्र-छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा, मठाधीशों पर कड़ी कार्रवाई अनिवार्य है, और युवाओं के भविष्य से जुड़ी भर्ती छात्रावासों में आश्रम, आश्रम और विधि सम्मत आचरण सर्वोच्च संस्था है। लेखपाल भर्ती में हस्तक्षेप न केवल वर्तमान प्रक्रिया को स्थिरता प्रदान करने वाला कदम है, बल्कि सभी भर्तियों के लिए यह भी सख्त संदेश है कि नवीन शास्त्रीय शिक्षा के पालन में जरा भी ढिलाई नहीं है।
राइटर रिक्रूटमेंट के कलाकार का कहना है कि विज्ञापन में नोटा की अनदेखी की गई है। इसमें चतुर्थ श्रेणी के कलाकारों को 27 प्रतिशत की जगह 18 प्रतिशत का दर्जा दिया गया है। कुल 7994 में दिए गए में से 1441 पद ही हैं जो कि 717 पद कम हैं। इसी प्रकार से कंकाल जाति को 21 प्रतिशत की जगह 18 प्रतिशत प्रतिशत ही दिया गया है। ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत की जगह 12.18 प्रतिशत नवीनीकृत किया गया है। जनजाति जनजाति को दो प्रतिशत के स्थान पर 1.87 प्रतिशत नाम दिया गया है। अनारक्षित वर्ग के लिए आरक्षित वर्ग की संख्या 52.12 प्रतिशत है।
इस बार यूपी लेखपाल भर्ती का सिलेबस पूरी तरह से बदल दिया गया है। अब बाबर को नए डिज़ाइन पर तैयारी और मेहनत करनी होगी। नई तरह से पढ़ाई शुरू करनी होगी। अब ग्राम्य समाज से 5 अंक (5 प्रश्न) का ही पेपर आएगा। जबकि पहले 2022 की भर्ती में ग्राम्य समाज एवं विकास के विषय से 25-25 प्रश्न पूछे गए थे। वहीं इस बार गणित के तहत एक बड़े बदलाव को हटा दिया गया है। हालाँकि दोस्ती शामिल रहेगी। गैजेट से 10 अंक के 10 प्रश्न मिलेंगे। अब कंप्यूटर आईटी, यूपी जीके को सिलेबस में जगह दी गई है जो पहले नहीं थे। हिंदी का रोल दिया गया है। पहले सामान्य हिंदी से 25 अंक का आता था, अब से 10 अंक का आता है।
इसमें भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान, भारत और विश्व भूगोल, अर्थव्यवस्था सामाजिक विकास, ग्राम्य समाज और विकास, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की सामसामयिक घटनाएं और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े पांच-पांच के प्रश्न पूछे जाएंगे। समसामयिक पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन, डेटा इंटरप्रिटेशन एवं सामान्य हिंदी 10-10 अंक, कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी प्रौद्योगिकी एवं नवाचार का ज्ञान 15 एवं अंक उत्तर प्रदेश राज्य से संबंधित सामान्य जानकारी से जुड़े 20 अंक के प्रश्न पूछे जाएंगे।
लाखों बच्चों को अब यह परेशान कर रहा है कि पीईटी का कितना स्कोर (सामान्य विधि स्कोर) उनके लिए नोटबुक भर्ती में सेफ बने रहें। कितने पीईटी स्कोर पर उन्हें लेखपाल मुख्य परीक्षा में बैठने की सुविधा मिलेगी। साल 2022 में लोकेश के 8085 रिक्रूटमेंट पर करीब 14 लाख आवेदन आए थे। इस बार भी लाखों आवेदन आने की उम्मीद है। प्रश्न सिर्फ इतना है कि शॉर्टलिस्ट के लिए मुख्य परीक्षा की कटऑफ क्या हो सकती है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि अनारक्षित वर्ग की कटऑफ 62.96 रही थी। इस बार भी यह 62 के आस-पास रह सकता है क्योंकि यात्रियों की संख्या करीब इससे पहले 4.5 गुना है। एससी के लिए 60, एसटी के लिए 45, एससी के लिए 62 और ईडब्ल्यूएस के लिए 62 आरएच हो सकता है।