SSC CGL Tier 2 Exam Date 2025 घोषित, 18-19 जनवरी 2026 को होगी परीक्षा
SSC CGL टियर 2 परीक्षा तिथि 2025: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही लाखों युवाओं के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। कर्मचारी चयन आयोग यानी एसएससी ने बहुप्रतीक्षित एसएससी सीजीएल टियर 2 परीक्षा तिथि 2025 की घोषणा कर दी है। लंबे इंतजार के बाद जारी हुई इस योजना से उम्मीदवार अब अपनी तैयारी को आखिरी रूप दे सकते हैं। आयोग के मुताबिक, टीयर-2 परीक्षा 18 और 19 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी।

लाइवहिन्दुस्तान को अपना पसंदीदा गूगल न्यूज़ खास – यहां क्लिक करें।
एसएससी ने यह जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिस के माध्यम से साझा की है। टीयर-1 परीक्षा में सफल रहे अभ्यर्थी ही टीयर-2 परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे। इस चरण में कुल 1.39 लाख से अधिक प्रतियोगी हिस्सा है, जो विभिन्न शेयरों के लिए चयन प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 6196 प्रतियोगी जूनियर स्टैटिस्टिकल जांचकर्ता ग्रेड-2 पद के लिए, 2781 प्रतियोगी स्टैटिस्टिकल जांचकर्ता ग्रेड-2 पद के लिए और 1,30,418 अभ्यर्थी अन्य स्टैटिस्टिकल ऑफिसर पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए हैं।
एसएससी सीजीएल टियर-2 परीक्षा दो दिनों में आयोजित की जाएगी और इसमें कई पेपर सेक्शन शामिल होंगे। पहला दिन 18 जनवरी 2026 को निर्धारित किया गया है, पहले दिन ऑनलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें निम्नलिखित पेपर और अनुभाग होंगे:
धारा-1: शैक्षणिक योग्यता, तर्कशक्ति और सामान्य प्रतिभा
धारा-2: अंग्रेजी भाषा व समझ, सामान्य जागरूकता
खंड-3: कंप्यूटर ज्ञान
सूची (केवल संबंधित कागजात के लिए)
दूसरे दिन 19 जनवरी 2026 को निर्धारित किया गया है, दूसरे दिन केले को डेटा एंट्री स्पीड टेस्ट (DEST) में शामिल किया जाएगा, जो पेपर-1 के खंड-4 के तहत आयोजित किया जाएगा। यह बोल्ड टेस्ट क्वालिफाइंग प्रकृति का होगा, लेकिन चयन में इसकी अहम भूमिका रहेगी।
एसएससी सीजीएल टियर-2 परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जनवरी 2026 के दूसरे सप्ताह में जारी होंगे। अब्दुल्ला को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर वेबसाइट पर आधिकारिक जांच करते रहें और पहले सभी दिशाओं का परीक्षण करें- निर्देश ध्यान से पढ़ें।
अब जब परीक्षा की तारीख साफ हो गई है, तो नमूने को बताया जाना चाहिए कि वे समीक्षा पर पूरा फोकस करें, मॉक टेस्ट विवरण और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। टियर-2 परीक्षा चयन की दिशा तय करने वाला चरण है, इसलिए किसी भी तरह की ढिलाई भारी पड़ सकती है।